धन्नीपुर मस्जिद: फंड की कमी से बदली मस्जिद निर्माण की योजना, अब पहले बनेगी छोटी मस्जिद

Spread the love

धन्नीपुर मस्जिद: फंड की कमी से बदली मस्जिद निर्माण की योजना, अब पहले बनेगी छोटी मस्जिद

अयोध्या। अयोध्या-लखनऊ हाईवे के सोहावल क्षेत्र के धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद की निर्माण योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। फंड की कमी और प्रशासनिक मंजूरियों में हो रही देरी के चलते अब मस्जिद को पहले प्रस्तावित भव्य स्वरूप में बनाने के बजाय छोटे आकार में निर्मित किया जाएगा। परियोजना के शुरुआती चरण में अस्पताल, म्यूजियम, रिसर्च सेंटर और कम्युनिटी किचन जैसी सुविधाओं का निर्माण नहीं होगा। फिलहाल पूरा जोर केवल मस्जिद के निर्माण पर रहेगा।

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य मोहम्मद आजम कादरी ने मीडिया से बातचीत में परियोजना में किए गए बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपेक्षित चंदा नहीं जुट पाने के कारण पूर्व में तैयार की गई योजना को संशोधित करना पड़ा है। इसके अलावा विभिन्न प्रशासनिक मंजूरियों में देरी भी परियोजना की प्रगति में बाधा बन रही है। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर पहले मस्जिद का निर्माण शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

धन्नीपुर में बनने वाली इस परियोजना का संचालन इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है। पहले तैयार की गई योजना के अनुसार करीब पांच एकड़ भूमि पर एक भव्य मस्जिद के साथ-साथ अत्याधुनिक अस्पताल, म्यूजियम, रिसर्च सेंटर और कम्युनिटी किचन विकसित किया जाना था। पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 300 करोड़ रुपये बताई गई थी। हालांकि, पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण अब परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी है।

गौरतलब है कि अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2019 के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए धन्नीपुर में पांच एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। इसके बाद यहां एक आधुनिक और बहुउद्देश्यीय परिसर विकसित करने की योजना सामने आई थी। प्रस्तावित परियोजना को लेकर देश-विदेश से चंदा जुटाने की भी कोशिश की गई, लेकिन उम्मीद के मुताबिक धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी।

नए प्लान के मुताबिक अब मस्जिद का निर्माण अपेक्षाकृत छोटे आकार में किया जाएगा। ट्रस्ट से जुड़े लोगों के अनुसार इसे करीब एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य के लिए उपलब्ध संसाधनों और आवश्यक मंजूरियों के आधार पर आगे की प्रक्रिया को गति देने की कोशिश की जा रही है।

परियोजना से जुड़े लोगों का कहना है कि भविष्य में पर्याप्त फंड उपलब्ध होने पर अस्पताल, म्यूजियम, रिसर्च सेंटर और कम्युनिटी किचन समेत अन्य प्रस्तावित सुविधाओं को भी विकसित किया जा सकता है। फिलहाल पहली प्राथमिकता मस्जिद का निर्माण पूरा करना है। इस बदलाव के साथ धन्नीपुर परियोजना को सीमित संसाधनों में आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।


Spread the love

Related posts